पहली सालगिरह की प्रेम कहानी
बसंत ऋतु ने अपने सौंदर्य से पूरे देश को आच्छादित कर दिया था। गुलाबों की खुशबू ने हवा में एक नई मिठास घेर दी थी। इस बहारी मौसम में, एक छोटे से गाँव में रहने वाले राजु नामक युवक का दिल भी बसंत की तरह खिल उठा था। राजु गाँव का हंसमुख लड़का था, जिसने अपनी आँखों में सपनों की कई कहानियों को समाहित किया था।
राजु का दिल एक सुंदर सी लड़की के प्रति आकर्षित था, जिसका नाम अनिता था। अनिता भी राजु के प्यार का इज़हार करने में कोई कसर नहीं रखती थी। उसकी मुस्कान और प्यार भरी बातें राजु को खिलखिला देती थीं।
एक दिन, जब गाँव की बागबानी में दोनों को एक साथ काम करते हुए देखा गया, तो गाँववाले बहुत आश्चर्यचकित हुए। सभी ने सोचा कि यह कहानी कुछ खास होने वाली है।
राजु ने अनिता से कहा, "अनिता, हम एक नयी कहानी लिख रहे हैं, हमारी प्रेम कहानी।" अनिता ने मुस्कराते हुए कहा, "आच्छा, हम देखते हैं तुम्हारी कहानी कैसी होती है।"
राजु ने फिर से खुद को संयमित करते हुए अपनी प्रेम कहानी की शुरुआत की। उसने बताया कि कैसे उसका दिल पहली बार अनिता को देखने पर ही उसके लिए धड़कन तेज हो गई थी। कैसे उसने धीरे-धीरे अनिता से दोस्ती करना शुरू किया और कैसे उनका दोस्ती से प्यार में बदला।
अनिता ने सुनते हुए खुशी से भरी आँखों से कहा, "राजु, तुम्हारी कहानी सच्ची और प्यार भरी है। मुझे गर्व है कि मैं तुम्हारे साथ हूँ।"
गाँववाले भी उनकी प्रेम कहानी सुनकर हैरान रह गए। वे समझ गए कि प्रेम हमेशा सीमा से परे होता है और यह दो जीवनों को एक साथ मिला रहा था।
इस पहली सालगिरह पर, राजु और अनिता ने एक दूसरे के साथ बिताए गए वक्त का आभास किया। उनका प्यार और समर्पण बढ़ता ही गया और उन्होंने अपने आप को एक नए यात्रा की शुरुआत करते हुए देखा।
इस प्रेम कहानी ने सिखाया कि प्यार में सच्चाई होनी चाहिए, और जब दो दिल मिलते हैं तो जीवन की सबसे हसीन कहानी बनती है। राजु और अनिता की पहली सालगिरह ने गाँव को नहीं, बल्कि पूरे विश्व को यह सिखाई कि प्रेम का सफर कभी भी शुरू हो सकता है और वह बहुत ही मिठी और रोमांटिक हो सकता है।

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